Deepfake AI का एक चिंताजनक पहलू है — और भारत ने 2026 में इस पर नए नियम लागू किए। यह गाइड दोनों को आसान हिंदी में समझाती है।

Deepfake क्या है?

Deepfake वह नकली ऑडियो/वीडियो/इमेज है जिसे AI से किसी असली व्यक्ति जैसा बनाया जाता है — चेहरे या आवाज़ की नक़ल। इससे धोखाधड़ी, बदनामी और ग़लत सूचना का ख़तरा है।

भारत के नए नियम (2026)

MeitY ने IT नियमों में संशोधन कर ‘सिंथेटिक रूप से बनाई गई जानकारी’ (deepfake/AI कंटेंट) को नियमित किया, जो 20 फ़रवरी 2026 से लागू हुआ। इसके तहत:

  • AI कंटेंट को प्रमुखता से लेबल करना ज़रूरी।
  • प्रोवेनेंस मेटाडेटा रखना।
  • प्लेटफॉर्म को AI-अपलोड घोषित करवाना और तेज़ takedown

आम यूज़र के लिए

संदिग्ध कंटेंट की पुष्टि करें, सनसनीखेज़ चीज़ों पर तुरंत भरोसा न करें, और ख़ुद AI कंटेंट बनाते समय उसे ईमानदारी से लेबल करें।

आगे क्या पढ़ें?

क्या AI सुरक्षित है? और AI वॉइस क्लोनिंग कैसे करें पढ़ें। बिज़नेस में ज़िम्मेदार AI के लिए osFoundry जैसे प्लेटफॉर्म भी हैं।

यह सामान्य जानकारी है, पेशेवर/कानूनी सलाह नहीं।